फर्जी सिंधी सेन्ट्रल पंचायत की आड़ में ऐसे होता है समाज में काम ,, बुढ़ापे में समय काटने के लिए लोग बन जाते हैं अध्यक्ष , और समाज की संपत्ति को अपनी व्यक्तिगत संपत्ति पता कर चलाते हैं किराए पर , , और होती अत्यधिक आय और सेवा के साथ फर्जी सम्मान वाली कहानी शुरू, सिन्धी समाज जबलपुर में डिटेक्ट हुआ गबनिया नंदलाल कुंगानी , फर्जी रसीद से वसूले करोडो , जांच के नाम पे रिकॉर्ड गायब , सामाजिक राशी , करोड़ो का घोटाला धर्म शाला की बुकिं ग कैश पे मात्र , चेक से कोई बु किंग नही ली जाती , इसलिए हिसाब किताब खुद के हि सा ब से मैने ज करते है , रिकॉर्ड गायब एक जमाना था जब समाज के बुजुर्गों ने झोली फैलाकर चंदा इकट्ठा करके सामाजिक संपत्ति धर्मशाला का निर्माण कराया था , जिसमें इन पूजनीय लोगों के द्वारा समाज के गरीब तबके के भविष्य और उनकी मदद के लिए ऐसे भवनों का निर्माण कराया गया था ताकि पंचायत के माध्यम से असहाय निर्धन लोगों को सहायता प्रदान की जा सके और उन्हें पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर मदद मिले ताकि वे अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए कुछ...